- गौमाता की सेवा से बढक़र कोई पुण्य कर्म नहीं : स्वामी देवव्रत जी
लुधियाना (विशाल,अरुण जैन)- दंडी स्वामी गौलोक गौधाम शाखा-2 की तरफ से रविवार को गौरक्षा यात्रा का आयोजन स्वामी देवव्रत जी महाराज की अध्यक्षता में किया गया। गौसेवक अविनाश गुप्ता व रमेश गर्ग ने गौमाता का तिलक व विधिवत पूजन कर यात्रा का शुभारंभ करवाया। गौरक्षा यात्रा दंडी स्वामी गौलोक गौधाम शाखा-2 से आरम्भ होकर रमन एन्कलेव सहित अन्य क्षेत्रों की परिक्रमा करते हुए गौलोक गौधाम में आरती के साथ संपन हुई। संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थीयो की तरफ से प्रस्तुत भजनों व हरिनाम संकीर्तन की संगीतमय धुनों पर गौसेवकों ने नाम की मस्ती में मस्त होकर गौमाता की महिमा का गुणगान किया। बीच रास्ते गिरिश गुप्ता, एडवोकेट अतुल सूद, एडवोकेट सुभाष सूद, रजनीश महाजन ने पारिवारिक सदस्यों सहित पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। स्वामी देवव्रत जी महाराज ने गौसेवा के महत्व से अवगत करवाते हुए गौमाता की रक्षा करना हर जीव का परमधर्म कर्तव्य है। गौमाता की सेवा से बढक़र कोई पुण्य कर्म नहीं है। प्रतिदिन गाय के नेत्रों के दर्शन करने से जीवन में लाभ प्राप्त होता है। इस दौरान विशाल गोसाईं ने धर्मपत्नी सहित अपनी शादी की वर्षगाठ गौमाता की सेवा करके मनाई। दंडी स्वामी गौलोक गौधाम शाखा-2 कार्यकारिणी के सदस्यों एडवोकेट संजीव सचदेवा, एडवोकेट अमनदीप भनोट , दीपाली बस्सी, गौतम प्रशोतम और एडवोकेट शाम लाल छाबड़ा ने विशाल गोंसाई को दोशाला व प्रसाद भेंट कर शुभकामानएं दी।