Sunday, August 31

लुधियाना के डॉ इंद्रजीत सिंह ने बढ़ाया गौरव, चीन सरकार द्वारा डॉ बासु को दिया सर्वोच्च अवार्ड उत्तराधिकारी के तौर पर किया हासिल ।

लुधियाना (संजय मिंका) पिछले पचास सालों से भारत में एक्यूपंक्चर इलाज प्रणाली के संस्थापक डॉक्टर विजय कुमार बासु के पदचिन्हों पर चलते हुये मानवता की सेवा में जुटे हुए लुधियाना के डॉक्टर इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर से पंजाब व देश का गौरव बढ़ाया है । चीन सरकार द्वारा अपने देश की सेना के सर्वोच्च अवार्ड से डॉक्टर विजय कुमार बासु को सम्मानित किया जो कि डॉक्टर बासु के शिष्य होने के चलते व उनके मिशन का झंडा थामे हुए डॉक्टर डी एन कोटनीस एक्यूपंक्चर हॉस्पिटल लुधियाना के डायरेक्टर डॉक्टर इंदरजीत सिंह द्वारा नई दिल्ली भारत स्थित चीन दूतावास में चीन एम्बेसडर शू फेइहोंग के हाथ से डॉक्टर बासु के उत्तराधिकारी के रूप में प्राप्त किया । मालूम रहे कि स्वर्गीय डॉ बी के बासु को द्वितीय चीन जापान युद्ध के दौरान चीनी लोगों की सहायता में उनके योगदान के बदले इस मेडल से सम्मानित किया । यह मेडल दो भारतीय डॉक्टरों को दिया गया है । जिसमें डॉक्टर बासु के साथ भारतीय चिकित्सा सहायता मिशन का नेतृत्व करने वाले स्वर्गीय डॉक्टर द्वारकानाथ शान्ताराम कोटनीस का नाम भी शामिल है । एक संक्षिप्त प्रभावशाली कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली स्थित चीन दूतावास में चीन एम्बेसडर शू फेईहोंग ने डॉक्टर इंद्रजीत सिंह को सौंपते हुए कहा कि डॉक्टर बासु ने चीन पर जापानी आक्रमण के खिलाफ चीनी जनवादी युद्ध में अग्रणी रूप में चिकित्सा सेवायें प्रदान करके सहायता की थी। चीन सरकार द्वारा इन भारतीय चिकित्सकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है । जिन्हें 1938 में तत्कालीन भारतीय कांग्रेस के नेता जी सुभाष चंद्र बोस व पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा चीन में चिकित्सा सहायता के लिए भेजा था । डॉक्टर डी एन कोटनीस व उनके सहयोगी डॉक्टर बासु 1938 -1943 के दौरान आई एम आई के सदस्य के रूप में लगभग 5 साल चीन रहे । 1958 – 59 में , बासु ने भारत में एक्यूपंक्चर इलाज प्रणाली लाने से पहले एक्यूपंक्चर सीखने के लिए चीन में 6 महीने बिताए । इस अवसर पर डॉक्टर इंद्रजीत सिंह को डॉक्टर बासु के उत्तराधिकारी के तौर पर यह मेडल सौंपते हुए चीन एम्बेसडर शू फेईहोंग ने कहा कि डॉक्टर इंद्रजीत सिंह डॉ बासु के मानव वादी सेवा भावना के आदर्शों पर पूरी तरह खरे उतरे है । पिछले 50 साल में डॉक्टर इंद्रजीत सिंह ने अपना पूरा समय एक्यूपंक्चर इलाज प्रणाली के जरिये मानवता की सेवा में व्यतीत किया है । लुधियाना सहित पंजाब भर में फ्री एक्यूपंक्चर कैंपो के जरिये जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सेवाओं को प्रदान की जा रही है । डॉ इंद्रजीत सिंह ने इस सम्मान के लिए चीन सरकार , दुतावास का आभार व्यक्त किया व कहा कि मुझे अत्यंत खुशी के साथ साथ भारत व चीन के अंतरराष्ट्रीय भाईचारा के मिशन को आगे ले जाने के लिए नई उत्तेजना के रूप में जो जिम्मेवार दी गईं है मैं अपनी डॉ बासु के अन्य शिष्यों के साथ मिलकर इसे एक चुनौती के रुप में आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा । इतिहास ने फिर करवट ली है जब पूरा विश्व फासीवादी सोच के देश विश्व में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं । जिसको रोकने में आज डॉक्टर कोटनीस व डॉक्टर बासु के पदचिन्हों पर चलते हुए डॉक्टरों व समाज सेवी संस्थाओं को एशिया में शांति विकास व भाईचारे के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है । इसके किये भारत , चीन व रशिया मिलकर पूरे विश्व को नए विकास के रास्ते पर ले जा सकते है । इस अवसर पर डॉक्टर डी.एन. कोटनीस अस्पताल कमेटी सदस्य एडवोकेट के.एल. सीकरी , आई पी एस सरदार इकबाल सिंह गिल , जगदीश सिडाना , एम सी सी अश्वनी वर्मा , अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासभा पंजाब के अध्यक्ष डिंपल राणा , सुशील सूद , कंवल वालिया , अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिनेश राठौर , डॉक्टर रघुबीर सिंह , तरसेम लाल , गगन भाटिया , मनीषा , सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट लुधियाना के अध्यक्ष सरदार जसवंत सिंह छापा ने अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि डॉक्टर कोटनीस और डॉक्टर बसु ने मानवता की सेवा को एक नई दिशा दी है । इस अवसर पर विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा ने कहा कि डॉक्टर कोटनीस अस्पताल लुधियाना का गौरव है और एक्यूपंक्चर की छोटी सी सुई दोनों देशों को करीब लाने में सहायक हो रही है । इस अवसर पर तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार भाई रणजीत सिंह मस्कीन विशेष रूप से आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे । 

About Author

Leave A Reply

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com