लुधियाना (विशाल, राजीव)- यदि नि:स्वार्थ भाव से प्रभु भक्ति, प्रभु नाम का स्मरण किया जाए तो मनुष्य की हर इच्छा पूरी होना संभव है। सच्चे मन से किया गया नाम जप स्वयं सिद्धि दायक होता है, संसार के समस्त भय, तप और कष्ट इससे दूर हो जाते है। यह अखंड यज्ञ के समान प्रभावी है, जो कलयुग में सर्वोत्तम उपाय भी माना गया है उक्त प्रवचन मां बगलामुखी जी के परम भक्त श्री सागरनाथ जी महाराज (अमेरिका) ने सतसंग दौरान दिए।अमृतवाणी की वर्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सतयुग में साधना प्रधान थी ईश्वर की प्राप्ति के लिये तप करना पड़ता था, जबकि कलयुग में ईश्वर की प्राप्ति के लिये केवल नाम सिमरन ही काफी है जोकि बड़े से बड़े संकट से मनुष्य को और सम्पूर्ण मानव जाति को निकालने में सक्षम है।नाथ जी महाराज ने कहा कि पृथ्वी पर कई बार असुरी शक्तियों ने अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश की है और उस समय भी सम्पूर्ण मानव जाति को गुरु द्वारा दिए नाम जाप और प्रभु सिमरन ने बचाया है और आसुरी शक्तियों का वध किया है उन्होंने कहा कि आज मानव जाति पर कोरोना वायरस रूपी वायरस ने अपना कहर बरपाया है और इस विकट परिस्थितयों में सभी को नाम सिमरन का जप करना चाहिए और ऐसा करने से प्रभु जल्द कोई न कोई समाधान अवश्य निकालकर मुनष्य जाति की रक्षा करेंगे उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन दौर में हमें मानवता को नहीं भूलना चाहिए और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर अपने मानव धर्म का पालन भी करें। समाजसेवक सुनील मैनी ने इस अवसर पर कहा कि विश्व शांति के लिए और जगत कल्याण के लिए नाथजी साधना में लीन रहते है और हम सब को यही उपदेश दे रहे है कि कठिन समय में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे रहें और निस्वार्थ भाव से सेवा करें।
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