लुधियाना (विशाल,आयुष मित्तल)-मां बगलामुखी को दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या माना जाता हैं। इन्हें स्तम्भन की देवी के रुप में पूजा जाता हैं। मां के अंदर संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश हैं। मां की उपासना से न केवल शत्रुओं का नाश होता है बल्कि उनके भक्तों का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो रहता है उक्त ज्ञान उपदेश मां बगलामुखी जी के परम भक्त श्री सागरनाथ जी महाराज (अमेरिका) ने सतसंग दौरान दिए। भक्तों पर ज्ञान की अमृतवर्षा करते हुए उन्होंने कि कलियुग में जीव को व्यापार एवं आजीविका की परेशानी ने घेरा हुआ है और व्यापार में आगे बढ़ने के लिए प्रतिस्पर्धा के युग में अनैतिक हथकंडे अपनाता है जिससे उसका जीवन शुद्ध नहीं रहता, आचार विचार शुद्ध नहीं रहते परन्तु इन सब झंझटों के बाद भी जो कलियुग में प्रभु के लिए समय निकालता है और सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करता है वह कलियुग में प्रभु को बहुत जल्दी पा लेता है ।उन्होंने कहा कि मां देवी के भक्त को तीनो लोकों में कोई नहीं हरा पाता और वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाता है। समाजसेवक सुनील मैनी और लव मैनी ने कहा कि स्वामी श्री सागरनाथ जी महाराज भक्तों के उद्वार के लिए अमेरिका से विशेष रूप से आये है और लोककल्याण हेतु ही उन्होंने मां बगलामुखी यज्ञ कर मां का आवाहन किया है और यहां नौलखा गार्डन कॉलोनी में भक्तों के कष्ट का निवारण कर रहे है।
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