लुधियाना (विशाल,सचिन ) टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों के लिए चौथा चिकित्सा शिविर 26 और 27 इंडियन डॉक्टर्स फॉर पीस ऐेंड डिवैल्पमैंट द्वारा आयोजित किया गया था। शिविर का नेतृत्व संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कान और नाक सर्जन डॉ अरुण मित्रा ने किया। उनके अलावा, इस शिविर में एक आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ। गगनदीप, एक मनोचिकित्सक डॉ। परम सैनी और एक जनरल फिजिशियन डॉ। आफताब के अलावा उनके सहयोगी अनोद कुमार ने भाग लिया। दो दिनों में, उन्होंने लगभग 400 रोगियों को देखा। उन्होंने जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, पेट फूलना, सांस की बीमारियाँ, आँखों के रोग, त्वचा रोग और अनिद्रा से पीड़ित रोगियों को मुफ्त दवाइयाँ दीं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी साथी के व्यवहार में कोई बदलाव आता है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि इससे आत्महत्या को रोका जा सकता है। अब तक आई डी पी डी ने हर हफ्ते दो दिनों के लिए सिंघू या टिकरी सीमा पर एक चिकित्सा शिविर लगाया है। डॉ। अरुण मित्रा ने कहा कि इसे जारी रखा जाएगा।
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